
मनकमेश्वरी दुर्गा देवी मंदिर में प्रातःकाल चैत्र नवरात्रि पर्व के छठे नवरात्र माँ कात्यायनी की मुख्य यजमान संजय सैनी ने सपत्नी नीलम सैनी ने विधिवत पूजा अर्चना मंदिर आचार्य सत्यम मिश्रा से कराई व माँ कात्यायनी को पंचामृत से स्नान करा वस्त्र पहनाकर सोलह श्रीगार किया पूजा में मंदिर आचार्य ने बताया कि माँ कात्यायनी साहस व संयम की प्रतीक हैं माँ कात्यायनी की उपासना से साधकों को विवाह इत्यादि में आ रही बाध्यता की समाप्ति होती हैं माँ कात्यायनी की पूजा से खुश हो मानव को सशक्त व साहस प्रदान कराती हैं व किसी भी विवाद व मुकदमे में सफलता दिला विजय दिलाती हैं हमसब को निस्वार्थ भाव से भगवती की पूजा अर्चना करते रहना चाहिए ऐसा मंदिर पुजारी ने बताया मंदिर ट्रस्टी अनुज कुमार जैन ने महानगर के समस्त भक्तगण से अपील की की नित्य प्रति मंदिर पूजा अर्चना में शामिल हो भगवती मनकेश्वरी दुर्गा का आशीर्वाद व प्रसाद ग्रहण करें व सायंकाल मंदिर में भजन कीर्तन में भी भाग ले पुण्यफल प्राप्त करें ततपश्चात माता मनकमेश्वरी को भोग लगाकर मंदिर आचार्य ने एकत्र भक्तों को प्रसाद वितरण किया पूजा अर्चना में समस्त जैन परिवार के सदस्य मौजूद रहे।






