
हरिद्वार। उत्तराखंड की पवित्र नगरी हरिद्वार में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक उपलब्धि दर्ज की गई। ध्यान गुरु रघुनाथ येमुल के सानिध्य और मार्गदर्शन में श्री शिरडी साई समर्थ ट्रस्ट द्वारा स्थापित विश्व के सबसे भारी ‘पारद (Mercury) शिवलिंग’ को आधिकारिक रूप से एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान मिला है।

महाशिवरात्रि के शुभ दिन आयोजित विशेष कीर्तिमान समारोह में श्रद्धालुओं और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। आयोजकों के अनुसार यह पारद शिवलिंग आध्यात्मिक ऊर्जा, हीलिंग और वैश्विक शांति का प्रतीक बनेगा तथा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र सिद्ध होगा।

समारोह में राजीव बंसल, अमित अग्रवाल (दिव्यांग इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया और इस उपलब्धि पर ट्रस्ट एवं गुरु जी को शुभकामनाएं दीं।

आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस उपलब्धि ने हरिद्वार को एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर विशेष पहचान दिलाई है। श्रद्धालुओं में इस अनोखे पारद शिवलिंग के दर्शन को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है।





























