
रुड़की। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने

16 फरवरी को प्रस्तावित राज्यपाल आवास घेराव को लेकर रुड़की में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा है कि केवल रुड़की से ही करीब पांच हजार कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रीतम सिंह ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। हर जनपद में हत्या, डकैती, चेन स्नेचिंग जैसी घटनाएं बड़े स्तर पर हो रही हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, जिनमें भाजपा से जुड़े नेताओं की संलिप्तता सामने आ रही है, जो बेहद चिंताजनक है।

उन्होंने केंद्र सरकार के बजट को आम आदमी की कमर तोड़ने वाला बताते हुए कहा कि महंगाई अपने चरम पर है और जनता त्रस्त है। अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में ही परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग की थी, लेकिन सरकार उस समय सोती रही। अब जब एक महिला द्वारा ऑडियो वायरल किए जाने के बाद मामला तूल पकड़ता है, तब मुख्यमंत्री को मजबूरन सीबीआई जांच की घोषणा करनी पड़ती है।

प्रीतम सिंह ने कहा कि हालात इतने खराब हैं कि भाजपा के विधायक खुद सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, कानून व्यवस्था के खिलाफ धरना देने को मजबूर हैं।भू-कानून पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 में कांग्रेस सरकार ने सशक्त भू-कानून लागू किया था, जिसे बाद में भाजपा सरकारों ने खत्म कर बाहरी लोगों को जमीन खरीदने की खुली छूट दे दी। जब जनता ने विरोध किया तो ऐसा कमजोर भू-कानून लाया गया, जिसका कोई वास्तविक लाभ नहीं है।
बैठक में महानगर अध्यक्ष एडवोकेट चौधरी राजेंद्र सिंह, कलियर विधायक एवं जिलाध्यक्ष फुरकान अहमद, झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाति, पूर्व राज्य मंत्री संजय पालीवाल, प्रदेश महासचिव विकास त्यागी, सचिन गुप्ता, यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव प्रणय प्रताप, सलीम खान, सीपी सिंह, कलीम खान, सुभाष सैनी और सुभाष चौधरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।




























