
रुड़की। मदरहुड विश्वविद्यालय के वाणिज्य एवं व्यवसाय अध्ययन संकाय द्वारा 29 जनवरी को “तनाव प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को दैनिक जीवन एवं कार्यस्थल पर उत्पन्न होने वाले मानसिक तनाव से निपटने के व्यावहारिक तरीकों से अवगत कराना था।

सेमिनार का शुभारंभ करते हुए कुलपति प्रो. डॉ नरेंद्र शर्मा ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी युग में तनाव एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इसे कमजोरी समझने के बजाय अपनी शक्ति बनाना सीखना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सकारात्मक दृष्टिकोण और सही प्रबंधन से किसी भी मानसिक बाधा को पार किया जा सकता है।

सेमिनार के मुख्य वक्ता, वाणिज्य एवं व्यवसाय अध्ययन संकाय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ब्रिज किशोर भारती ने तनाव प्रबंधन की बारीकियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विस्तार से बताया कि सही समय पर कार्यों का निष्पादन तनाव को काफी हद तक कम कर देता है। डॉ. भारती ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने तनाव के स्तर को पहचानने और उसे नियंत्रित करने की व्यावहारिक तकनीकें सिखाईं।

उन्होंने बताया कि कैसे स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण शिक्षा और भविष्य की चिंताओं को दूर करने में सहायक होता है।
संकाय के डीन डॉ. पी.के. अग्रवाल ने कार्यक्रम की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में भविष्य के प्रति केंद्रित और संतुलित सोच विकसित करते हैं। उन्होंने घोषणा की कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस सेमेस्टर में आगे भी इस प्रकार के ज्ञानवर्धक सेमिनार आयोजित करता रहेगा। कार्यक्रम में डॉ. नीता महेश्वरी, श्रीवास्तव, डॉ. स्नेहाशीष भारद्वाज, मधु रानी, सचिन कुमार, वर्णिका, कोमल शर्मा, वंशिका, सुभाष, साक्षी कर्ण आदि उपस्थित रहे।




























