
लखनऊ। चित्रकूट में बरगढ़ बाजार के कपड़ा कारोबारी अशोक केसरवानी के पुत्र आयुष केसरवानी (12) का गुरूवार की शाम अपहरण कर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। अपहरण के बाद आरोपियों ने पिता से फोन पर 40 लाख रुपये की फिरौती भी मांगी। सूचना पर पुलिस ने खोजबीन कर अशोक केसरवानी के मकान के पास स्थित बक्सा की दुकान में जांच की और शौचालय में सीट के नीचे से आयुष का शव बरामद किया।

पुलिस ने दो आरोपियों को चिन्हित किया और धरपकड़ के दौरान एक आरोपी की मुठभेड़ में मार गिराया, जबकि दूसरा घायल हो गया। शुक्रवार को व्यापारियों ने बरगढ़ तिराहे पर घटना के विरोध में चक्काजाम कर दिया। डीएम-एसपी के आश्वासन पर व्यापारी पीछे हटे। जानकारी के अनुसार, बरगढ़ थाना क्षेत्र के बरगढ़ कस्बा निवासी अशोक केसरवानी की स्थानीय बाजार में कपड़े की दुकान है। अशोक केसरवानी का नाम इलाके प्रतिष्ठित व्यापारियों में है। उनका पुत्र आयुष केसरवानी प्रयागराज जनपद के शंकरगढ़ कस्बा स्थित न्यू सेंटर एकेडमी में कक्षा सात का छात्र था। गुरूवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे आयुष कोचिंग से घर आया और अपने मकान की छत पर पतंग उड़ा रहा था। इस दौरान घर के बगल में रहने वाले इरफान, जिसकी बक्सा बनाने व बेचने की दुकान है।

वहां काम करने वाले इरफान के हेल्पर कल्लू ने आयुष को बाइक सिखाने के बहाने नीचे बुलाया। परिचित होने के कारण आयुष नीचे आया, तो आयुष को बाइक देकर कल्लू उसके पीछे बैठा और वहां से चला गया। रात करीब साढ़े आठ बजे पिता अशोक के मोबाइल पर फोन आया और बताया गया कि आयुष का अपहरण हो गया है और 40 लाख रुपये का इंतजाम कर मऊ-बरगढ़ के बीच घाटी पर पैसा लेकर आना है। यह सुनकर अशोक दंग रह गए। उन्होंने अपने परिचित व पूर्व प्रधान प्रकाश केसरवानी को बताया, तो इसकी सूचना एसपी चित्रकूट को दी गई। पुलिस पहुंची और छानबीन शुरू हुई, तो आयुष के गायब होने में इरफान व कल्लू का नाम आया। कल्लू के साथ आयुष की सीसीटीवी फुटेज भी आ गई। शंका पर पुलिस ने बक्से की दुकान में जांच शुरू की, तो शौचालय की फर्श ताजा बनी हुई पाई गई। शंका पर फर्श को तोड़ा गया, तो सीट के नीचे आयुष की लाश मिली।

यह देख परिजनों का कलेजा दहल गया। आयुष का रस्सी से गला घोंटा गया था और सीने व चेहरे पर चोट के निशान थे। पुलिस ने इरफान व कल्लू की खोजबीन की और देर रात मुठभेड़ में कल्लू को मार गिराया, जबकि इरफान घायल हो गया। शुक्रवार को घटना की जानकारी से आक्रोशित चित्रकूट व स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस पर देर से कार्रवाई शुरू करने का आरोप लगाते हुए बरगढ़ तिराहे पर चक्काजाम किया। डीएम पुलकित गर्ग व एसपी मौके पर पहुंचे और आश्वासन देकर व्यापारियों को शांत किया।



























