
रुड़की। श्री मारवाड़ कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना एनएसएस इकाई संख्या 0546 के सात दिवसीय शिविर के छठे दिवस पर नशा मुक्त उत्तराखंड संस्कार युक्त उत्तराखंड विषय पर नशा उन्मूलन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर एनएसएस स्वयंसेविकाओं द्वारा ग्राम ढंडेरा में नशा उन्मूलन जागरूकता रैली निकाली गई। छात्राओं ने घर-घर जाकर नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी तथा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया कि नशा जीवन, परिवार और समाज को बर्बादी की ओर ले जाता है। विशिष्ट अतिथि डॉ. सम्राट ने कहा कि नशा आज समाज के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति यदि नशे की गिरफ्त में चली गई तो राष्ट्र का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर यदि नशा उन्मूलन का संकल्प लें तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार व समाज को भी इसके विरुद्ध जागरूक करें।

विशिष्ट अतिथि मीडिया प्रभारी विवेक कंबोज ने नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करता है। नशे की लत कई गंभीर बीमारियों और अपराधों की जड़ है। उन्होंने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया तथा कहा कि जागरूकता ही नशा उन्मूलन का सबसे प्रभावी माध्यम है।

सतीश सैनी ने कहा कि नशा उन्मूलन केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि संस्कारयुक्त समाज के निर्माण के लिए युवाओं को नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनना होगा। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज को सही दिशा देने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम अधिकारी अनु शर्मा, रीतू यादव, संगीता सिंह, अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, प्रबंधक ललित मोहन अग्रवाल, प्रधानाचार्या भारती अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।



























