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नौ शक्ति के प्रति समर्पण का प्रतीक है सिंदूर:आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद

हरिद्वार।उत्तरी हरिद्वार की प्रख्यात धार्मिक संस्था हरि सेवा आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज के सानिध्य में जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज,निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती,गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज,जयराम आश्रम के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी सहित संतो महंतो महामण्डलेश्वरों ने हरि सेवा आश्रम के वार्षिकोत्सव समारोह का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।

वार्षिकोत्सव को संबोधित करते हुए जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि भारतीय माताओं बहनों के मांग का सिंदूर पति के प्रति समर्पण एकीकृत वचनबद्धता के साथ जीवन जीने का पवित्र बंधन निभाने के साथ सनातन संस्कृति,आद्य परम्परा, मां पार्वती,माता सीता, मां दुर्गा के प्रति समर्पण का प्रतीक है मांग का सिंदूर,उन्होंने कहा कि मांग का सिंदूर कोई लाल रंग नहीं अपितु सनातन संस्कृति आद्य परम्परा का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि जब देश की माताओं बहनों के सिंदूर को कुछ दुरात्माओं ने छेड़ा और सुहाग उजाड़ें तो देश के शासक नरेंद्र मोदी ने देश के प्रति वचन बद्धता को पूरा करने के लिए देश की सेनाओं सामरिक नीतियों सामरिक शक्तियों और देश के राजनीतिक दल को एक साथ लेकर दुरात्माओं को माताओं बहनों के सिंदूर की शक्ति का एहसास कराया। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सेनाओं ने सिंदूर का महत्व बताने का काम किया और सिंदूर को मिटाने वाली दुरात्माओं को सबक सिखाया।

आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि हरि सेवा आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज सनातन धर्म संस्कृति के संरक्षण संवर्धन के लिए अपना समूचा जीवन समर्पित भाव से लगाकर एक मंच पर देश संतो को एकजुट कर सनातन परम्परा को मजबूत करने का कार्य कर रहे है।

हरि सेवा आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि हरि सेवा आश्रम का वार्षिकोत्सव मानने का उद्देश्य केवल सनातन और संत परंपरा को मजबूत करना है, वार्षिकोत्सव में देश और दुनिया से पधारे श्रद्धालु भक्तों को देश के महान संतो द्वारा सनातन धर्म व संस्कृति की प्रति समर्पण करने को जागरूक कर देश के कोने कोने में सनातन धर्म संस्कृति मजबूती प्रदान होती है।

इस अवसर पर महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि देश में सनातन धर्म संस्कृति को संरक्षित संवर्धित करने का काम संत महंत कर रहे है और देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के संतो के बताए मार्ग पर चलकर देश की सनातन परम्परा को मजबूती के साथ विश्व पटल बढ़ाने का काम कर रहे हैं।देश विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है।

वार्षिकोत्सव के अध्यक्षता निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती की व संचालन महंत हरिहरानंद शास्त्री ने किया। वार्षिकोत्सव में पधारे संतो महंतो एवं महामण्डलेश्वरों का महंत कमलदास महाराज ने माल्यार्पण कर स्वागत किया।इस मौके पर गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज, सांसद महामंडलेश्वर साक्षी महाराज, ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, सांसद सतपाल ब्रह्मचारी,महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि महाराज,महामंडलेश्वर कुमार स्वामी, महामंडलेश्वर संतोषी माता,महामंडलेश्वर मैत्री गिरि, महामंडलेश्वर चिदविलासा नंद सरस्वती,

महामंडलेश्वर यतींद्रानंद,महामंडलेश्वर ज्ञानदेव महाराज,महामंडलेश्वर भगवत स्वरूप,महामंडलेश्वर विज्ञानानंद सरस्वती,महंत ऋषिशेश्वरानन्द,श्रीमहंत विष्णुदास महाराज,उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक,पूर्व रक्षा राज्यमंत्री सांसद अजय भट्ट,राज्यसभा सांसद नरेश बंसल,विधायक प्रेमचंद अग्रवाल,मेयर किरण जैसल,राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि,भाजपा नेता डॉ विशाल गर्ग,राजीव भट्ट,प्रधानपति मनोज जखमोला,सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने वार्षिकोत्सव में प्रतिभाग लिया।

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