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ज्ञान के प्रकाश से होता है अज्ञानता का नाश  श्रीमद् भागवत महापुराण के प्रथम दिवस में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य पर गूंजा श्री भवानी शंकर आश्रम

रुड़की। ब्रह्मलीन महंत श्री गुलाब गिरी जी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से, श्री महंत रीमा गिरी जी महाराज एवं श्री महंत त्रिवेणी गिरि जी महाराज के सानिध्य में, श्री भवानी शंकर आश्रम कर्नल एनक्लेव रुड़की में श्रीमद् भागवत महापुराण का भव्य आयोजन हुआ।

प्रथम दिवस की कथा में वृंदावन स्थित चित्रगुप्त पीठ, चित्रगुप्त अखाड़ा से पधारे श्रद्धेय श्री महंत राहुल गोपाल जी महाराज ने भक्तों को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का महत्व समझाया। उन्होंने अपने अमृतमयी वचनों से सभी भक्तों को आनंदित करते हुए कहा कि “भक्ति वह अमृत है जो आत्मा को शुद्ध करती है, ज्ञान वह प्रकाश है जो अज्ञानता का नाश करता है, और वैराग्य वह मार्ग है जो आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है।”

महाराज जी ने आगे कहा कि “संसार में रहते हुए भी भगवान की भक्ति से जीवन को धन्य बनाया जा सकता है, और यही सच्चा वैराग्य है।”

कथा में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया और भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के इस दिव्य प्रवचन का आनंद उठाया।

आश्रम की ओर से सभी श्रद्धालुओं, भक्तों और सत्संग प्रेमियों को कथा के आगामी दिनों में भी पधारने का सादर आमंत्रण दिया गया है।

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