
बिहार के बरौनी जंक्शन पर शनिवार को हुई एक दुखद घटना में रेलवे कर्मी अमर कुमार की मौत हो गई। पहले इसे एक दुर्घटना के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन रेलवे की जांच रिपोर्ट में यह घटना हत्या के रूप में सामने आई है।रेलवे ने अपने 5 सदस्यीय जांच समिति के जरिए यह निष्कर्ष निकाला है कि अमर कुमार की मौत का कारण सहकर्मी मोहम्मद सुलेमान द्वारा दिए गए गलत संकेत थे, जिसके परिणामस्वरूप अमर कुमार ट्रेन के इंजन और बफर के बीच पिस गए।
रेलवे रिपोर्ट के मुताबिक, 8:19 बजे ट्रेफिक पोर्टर मोहम्मद सुलेमान और अमर कुमार को इंजन और कोच के बीच कनेक्शन को डिस्कनेक्ट करने के लिए भेजा गया था। जांच में पाया गया कि सुलेमान ने इशारे से इंजन को आगे बढ़ने का संकेत दिया, जबकि इंजन को पीछे खींचने के बजाय इसे अचानक आगे बढ़ाने का इशारा किया। इससे इंजन अमर कुमार के पास से गुजरते हुए बफर से टकरा गया और अमर कुमार की मौत हो गई। CCTV फुटेज से साफ दिख रहा था कि सुलेमान ने ठीक से संकेत नहीं दिए और गलत दिशा में इशारा किया, जिससे हादसा हुआ।

रेलवे ने मामले में मोहम्मद सुलेमान को पूरी तरह से दोषी ठहराया है और यह भी कहा कि सुलेमान और अमर कुमार के बीच संवाद की कमी और समन्वय की विफलता ही इस दर्दनाक घटना का कारण बनी। इस रिपोर्ट के आधार पर अमर कुमार के परिवार को अब तक 44.5 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है और उनके भाई को सहानुभूति के आधार पर नौकरी देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।






