साहित्यकारों की आज के समय में भी खास भूमिका

रुड़की। फोनिक्स कॉलेज के चेयरमैन चिरब जैन ने कहा कि साहित्यकारों और लेखकों का योगदान हमारे स्वतंत्रता आंदोलन में मुख्य रूप से रहा है,जिनकी भूमिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता।चिरब जैन ने यहां नगर निगम सभागार में एक राष्ट्रीय एकता मुशायरे व कवि सम्मेलन का फीता काट शुभारंभ करते हुए अतिथि के रूप में कहा कि आज के समय में भी कवियों में शायरों के योगदान की हमारे समाज को बहुत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ रही कुरीतियों और असमानताओं के खिलाफ अपनी लेखनी के माध्यम से इन कवियों को जनजागरण चलाना चाहिए। समाजसेवी संजीव वर्मा एडवोकेट ने कहा कि आज हमारे प्रदेश में महिलाओं व दलितों की जो दशा है,उस पर भी लेखनी की आवश्यकता है।वरिष्ठ समाजसेवी आदिल खरीदी ने कहा की राष्ट्रीय एकता के लिए मुशायरा एवं कवि सम्मेलन के आयोजन समाज को नई दिशा देते हैं। पार्षद मोहसिन अल्वी ने कहा कि कवियों का सकारात्मक योगदान हमारे समाज को नई दिशा देता है,जो सराहनीय कदम है।इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राव आफाक अली,युवा समाजसेवी शेख जमाल अहमद,वरिष्ठ कांग्रेस नेता आशीष सैनी शाहिद अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।आयोजक मंडल की ओर से सभी अतिथिगणों का स्मृति चिन्ह व शाल भेंटकर सम्मान किया गया।

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