
रुड़की । फर्जी शैक्षिक पत्र के आधार पर ग्राम प्रधान पद परनामांकन एवं चुनाव लड़ने के मामले में किशनपुर की ग्राम प्रधान का पद और निर्वाचन निरस्त कर दिया गया है। उपजिलाधिकारी की अदालत ने प्रमाणपत्र को फर्जी मानते हुए डीपीआरओ एवं खंड विकास अधिकारी को आदेश दिया है कि तत्काल ग्राम प्रधान से चार्ज लेकर यहां पर बिना किसी देरी के चुनाव की प्रक्रिया को शुरू कराया जाए ।


रुड़की विकासखंड के किशनपुर जमालपुर गांव निवासी वाजिद

अली ने उपजिलाधिकारी रुड़की की अदालत में 31 अक्तूबर
2022 को एक याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता का कहना
था कि वर्ष 2022 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान
पद की उम्मीदवार प्रवीन बानो ने कक्षा आठ का शैक्षिक प्रमाण
पत्र फर्जी दिया है इसलिए उनको प्रधान पद से हटाया जाए। तब
से इस मामले में सुनवाई चल रही थी। उप जिलाधिकारी की
अदालत ने सोमवार को इस मामले में सभी पक्षों को सुनने के
बाद निर्णय सुना दिया है।अदालत के निर्णय के मुताबिक ग्राम प्रधान के प्रमाणपत्र फर्जी
पाए गए हैं व नियम विरुद्ध होने की वजह से उनका प्रधान पद
का निर्वाचन निरस्त किया जाता है। इसके अलावा जिला
पंचायत राज अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी रुड़की को
आदेश दिया जाता है कि वह तत्काल प्रधान से चार्ज लेकर यहां
पर निर्वाचन की कार्रवाई को बिना किसी देरी के शुरू किया
लाए। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा को भी
निर्देश दिए गए हैं कि वह शैक्षिक प्रमाणपत्र को निरस्त करने के
संबंध में कार्रवाई करें। वहीं इस कार्रवाई के बाद से पंचायती
राज विभाग भी हरकत में आ गया है।






