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राष्ट्रीय सौर मिशन को आगे बढ़ाया जाएगा आईआईटी रुड़की एवं राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने सौर ऊर्जा अनुसंधान, शिक्षा एवं प्रौद्योगिकी विकास के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (एनआईएसई) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। 

समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर समारोह के दौरान आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा, “एनआईएसई के साथ इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों में योगदान देने की दिशा में आईआईटी रुड़की की यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आईआईटी रुड़की में जल एवं नवीकरणीय ऊर्जा के लिए एक समर्पित विभाग और सतत ऊर्जा केंद्र है, इस सहयोग से सौर ऊर्जा अनुसंधान एवं नवाचार की सीमाओं को आगे बढ़ाने की उम्मीद है, जो अंततः भविष्य के लिए स्थायी समाधान को आगे बढ़ाएगा।”

एनआईएसई के महानिदेशक डॉ. मोहम्मद रिहान ने कहा, “इंजीनियरिंग शिक्षा एवं अनुसंधान में अग्रणी आईआईटी रुड़की के साथ साझेदारी करके हमें खुशी हो रही है। यह सहयोग हमें अभूतपूर्व परियोजनाओं पर मिलकर काम करने में सक्षम बनाएगा, जिससे न केवल हमारे संस्थानों को लाभ होगा, बल्कि देश भर में सौर ऊर्जा को अपनाने के राष्ट्रीय एजेंडे को भी समर्थन मिलेगा।”

 

आईआईटी रुड़की एवं एनआईएसई के बीच साझेदारी भारत की बढ़ती ऊर्जा मांगों को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा की क्षमता का दोहन करने और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के साझा दृष्टिकोण का प्रतीक है। इस सहयोग से सौर प्रौद्योगिकी में अभूतपूर्व अनुसंधान एवं विकास का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा जिससे उद्योग व समाज को व्यापक रूप से लाभ होगा। जैसे-जैसे भारत अपने महत्वाकांक्षी नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ रहा है, ऐसे रणनीतिक गठबंधन देश की प्रगति को एक स्थायी और ऊर्जा-सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण हैं। आईआईटी रुड़की और एनआईएसई के बीच सहयोग भारत में सौर ऊर्जा के भविष्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने के लिए तैयार है, जो एक स्थायी और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य प्राप्त करने के देश के लक्ष्य में योगदान देग

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