राजकीय महाविद्यालय मंगलौर में आज खादी और ग्रामोद्योग आयोग के सौजन्य से ‘उद्यमिता एवं कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विचार गोष्ठी में खादी ग्रामोद्योग एंव उद्यमिता आयोग देहरादून के तकनीकी विशेषज्ञ श्री एस०आर०डोभाल एवं असि० डायरेक्टर श्री जे०पी० मलिक मुख्य अतिथि रहे ।
इस कार्यक्रम के संयोजक एवं मन्च संचालन कर रहे डॉ० अनुराग ने खादी एवं अहिंसा की परिकल्पना को महात्मा गाँधी का आजादी की लड़ाई में मुख्य हथियार बताया। इसके बाद उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञ श्री एस०आर०डोभाल को आमंत्रित किया। डोमाल जी ने सरल शैली में छात्रों को समझाया की यदि किसी उत्पाद के कच्चे माल में मूल्य संबंधन कर लेते है जैसे दूध एक दिन में खराब हो जाता है। परन्तु यदि मूल्य संर्वधन करके उसका डेयरी उत्पाद जैसे पनीर घी आदि उत्पादित किया जाएं तो उसी के दाम तकरीबन 100 प्रतिशत तक बढ़ सकते है। उनके उपरान्त असि० डायरेक्टर श्री जे०पी० मलिक ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में आवेदनकर्ता को लगभग 35 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल सकती है। इतना ही नही बैंक से ऋण प्राप्त करने हेतु डी०पी०आर० आदि भी बनाने में सहायता करते है।
विचार गोष्ठी के अगले चरण में छात्र / छात्राओं ने अपने जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। छात्र अमित ने इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए वेबसाइट, अनिवार्य पत्रजात के बारे में जाना, इसी प्रकार भारत, अजीत, अंकुश, मनीषा, शमा प्रवीन आदि ने उत्साह दिखाया। कार्यक्रम के अन्तिम चरण में प्रभारी प्राचार्य डॉ० तीर्थ प्रकाश ने आमंत्रित अतिथियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया व धन्यवाद दिया कि उन्होंने रोजगार सृजन की इतनी सुलभ योजनाओं के बारे में सभी को बताया। उन्होंने आत्मनिर्भर बनने के लिए स्वयं का उदाहरण भी दिया जब उन्होने कक्षा आठ में मेले मे मित्र के साथ जलेबी बेचकर अपनी लागत का 20 गुना तक कमा लिया।
अन्त में प्राचार्य महोदय ने सभी अतिथियों से आग्रह किया कि वे एक प्रशिक्षण कार्यक्रम महाविद्यालय में आयोजित करें ताकि छात्र / छात्राएं भी कौशल विकास में प्रशिक्षित हो सकें। इस विचार गोष्ठी में डॉ० प्रज्ञा राजवंशी, डॉ० दीपा शर्मा, श्री प्रवेश कुमार त्रिपाठी, श्रीमती सरमिष्ठा सैनी, श्रीमती गोता जोशी, श्री फैजान अली, श्री सूर्य प्रकाश, श्री रोहित आदि मौजूद रहे।